S–Z
Sandy soil
हल्की, किरकिरी मिट्टी जिसमें से पानी सीधा उतर जाता है। जुताई आसान रहती है और यह जल्दी गरम होती है, पर सूखती तेज़ी से है और तत्व बह जाते हैं — इसलिए हल्की सिंचाई बार-बार और गोबर खाद भरपूर चाहिए।
संबंधित गाइड →Scouting
निगरानी का मतलब है हफ़्ते में एक-दो बार खेत का चक्कर लगाना और दूर से फसल देखने की जगह जान-बूझकर पत्तियों की निचली सतह, बढ़ते सिरे और मुरझाए या रंग बदले पौधे जाँचना, और जो मिला उसे लिखना। यह आदत न हो तो कीट की आर्थिक सीमा तय ही नहीं हो सकती और हर छिड़काव अंदाज़े पर टिक जाता है।
संबंधित गाइड →Seed saving
बीज संरक्षण का मतलब है अपनी स्वस्थ और असली किस्म वाली पौधों से अगले सीज़न के लिए बीज रखना, ठीक से साफ़ और सुखाकर। यह देसी और खुले परागण वाली किस्मों में चलता है, हाइब्रिड में नहीं।
संबंधित गाइड →Seed treatment
बीज उपचार का मतलब है बुवाई से पहले बीज को फफूंदनाशी, कीटनाशी या जैव-एजेंट से लपेटना, ताकि छोटा पौधा मिट्टी से आने वाले रोग और शुरुआती कीटों से बचे। पूरे सीज़न में खर्च के हिसाब से यह सबसे सस्ती सुरक्षा है।
संबंधित गाइड →Shelterbelt
हवा तोड़ने के लिए खेत की सीमा पर लगाई पेड़ों या ऊंची झाड़ियों की कतारें। शेल्टरबेल्ट नमी उड़ना कम करती है, फूल आती और खड़ी फसल को हवा की मार से बचाती है, और भुरभुरी ऊपरी मिट्टी को अपनी जगह रोके रखती है।
संबंधित गाइड →Silage
मक्का जैसा हरा चारा काटकर गड्ढे या बैग में हवा-बंद दबा देना, जहाँ वह किण्वित होकर महीनों टिका रहता है। इससे हरे मौसम का बचा चारा उन गरम महीनों तक पहुँच जाता है जब खेत में कुछ हरा बचता ही नहीं।
संबंधित गाइड →Silvopasture
जानवरों को सोच-समझकर पेड़ों के बीच चराना, ताकि जमीन का एक ही टुकड़ा चारा, छाया, फल या इमारती लकड़ी साथ-साथ दे। छाया जानवरों पर गर्मी का दबाव घटाती है और उनका गोबर पेड़ों को खिलाता है।
संबंधित गाइड →Soil compaction
ट्रैक्टर, पशुओं की आवाजाही या हर बार एक ही गहराई पर जुताई से मिट्टी दबकर बनी सख़्त परत। जड़ें इसे भेद नहीं पातीं और बरसात का पानी अंदर उतरने की बजाय ऊपर ही खड़ा रह जाता है।
संबंधित गाइड →Soil erosion
ऊपरी मिट्टी का पानी या हवा के साथ बह-उड़ जाना, जबकि खेत की सबसे उपजाऊ परत यही होती है। ढलान पर खुला पड़ा खेत इसे सबसे तेज़ी से खोता है, और एक बार गई तो खाद डालते-डालते सालों लग जाते हैं।
संबंधित गाइड →Soil Health Card
सॉइल हेल्थ कार्ड सरकार की ओर से मिलने वाली रिपोर्ट है, जिसमें आपके खेत के पोषक तत्वों की स्थिति और फसल के हिसाब से खाद की सिफारिश होती है, जिससे अंदाज़े से खाद डालना बंद होता है। नमूना लेने का चक्र और आवेदन का तरीका राज्य के हिसाब से बदलता है, इसलिए नज़दीकी कृषि कार्यालय या केवीके से पूछ लें।
संबंधित गाइड →Soil microbiome
मिट्टी की पूरी जीवित आबादी — बैक्टीरिया, फफूंद, प्रोटोजोआ और बहुत कुछ — जो जैविक पदार्थ गलाकर पोषक तत्वों को उस रूप में बदलती है जिसे जड़ें ले सकें। इसे जैविक पदार्थ खिलाइए, यह फसल को खिलाएगी।
संबंधित गाइड →Soil pH
मिट्टी खट्टी (अम्लीय), उदासीन या खारी (क्षारीय) है, यह 0 से 14 के पैमाने पर बताने वाला माप। ज़्यादातर फसलें उदासीन के आसपास सबसे अच्छा खुराक लेती हैं; pH किसी भी तरफ़ बहुत खिसक जाए तो खाद डालने के बाद भी तत्व मिट्टी में बँधे रह जाते हैं।
संबंधित गाइड →Soil testing
सही तरीके से लिया गया मिट्टी का नमूना प्रयोगशाला भेजकर पता करना कि खेत में असल में किस चीज़ की कमी है। पड़ोसी की नकल करने की बजाय खाद की मात्रा तय करने का यही एक भरोसेमंद रास्ता है।
संबंधित गाइड →Soil texture
मिट्टी छूने में मोटी या महीन लगती है, यह उसमें रेत, गाद और चिकनी मिट्टी के अनुपात से तय होता है। खेत का पानी कितनी जल्दी निकलेगा, नमी कितनी देर टिकेगी और जुताई कितनी आसान होगी — सब यही तय करता है।
संबंधित गाइड →Soybean
सोयाबीन खरीफ की तिलहन-दलहन फसल है, जो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे ज़्यादा होती है। दलहनी होने के नाते यह नाइट्रोजन जमा करती है और अगली रबी फसल के लिए खेत सुधार देती है।
संबंधित गाइड →Sprinkler irrigation
पाइप पर लगे नोज़ल से फसल के ऊपर बरसात जैसा पानी फेंकना। गेहूँ, मूँगफली जैसी घनी बोई फसलों और ऊँची-नीची ज़मीन के लिए ठीक बैठता है, पर हवा में छींटा उड़ जाता है और पत्ती गीली रहने से फफूंद रोग बुलावा पा जाता है।
संबंधित गाइड →Sticky trap
चिपचिपा ट्रैप रंगीन कार्ड होता है जिस पर गोंद लगी रहती है और उसे फसल के बीच लटकाया जाता है, ताकि छोटे उड़ने वाले कीट चिपक जाएँ। पीले कार्ड सफ़ेद मक्खी और माहू पकड़ते हैं, थ्रिप्स के लिए नीले कार्ड ज़्यादा कारगर हैं। इनका सबसे बड़ा फायदा यह है कि नुकसान दिखने से पहले ही पता चल जाता है कि कीट बढ़ रहे हैं।
संबंधित गाइड →Sugarcane
गन्ना दस से अठारह महीने की नकदी फसल है, और कटाई के बाद उसी जड़ से रटून फसल भी ली जाती है। मिल से भुगतान कब आता है, यह आपकी जेब के लिए टनेज जितना ही मायने रखता है।
संबंधित गाइड →Sun trap
जमीन को ऐसा आकार देना कि एक गर्म जेब बन जाए — दीवार या बाड़ ठंडी हवा रोके और जमीन जाड़े की धूप पकड़े। न कांच, न बिजली, फिर भी बगल की खुली जमीन से 5 से 10°C तक ज्यादा गर्म रह सकती है।
संबंधित गाइड →Swale
ढलान के आड़े खोदी गई उथली, समतल नाली, जिसकी मिट्टी नीचे की तरफ मेड़ बनाकर डाल दी जाती है — बहता पानी वहीं रुककर जमीन में उतर जाता है, नीचे भागता नहीं। स्वेल असल में उसी कंटूर बंडिंग का भाई है जो कई भारतीय किसान पहले से बनाते हैं।
संबंधित गाइड →Systemic pesticide
सर्वांगी (सिस्टमिक) दवा वह है जिसे पौधा सोखकर अपने रस में पहुँचा देता है, इसलिए यह उन छिपे रस-चूसकों और छेदक कीटों तक भी जाती है जहाँ ऊपर से किया छिड़काव कभी नहीं पहुँचता। यह पौधे के अंदर ज़्यादा दिन असरदार रहती है, और इसी वजह से इसकी प्रतीक्षा अवधि का पालन सबसे ज़्यादा ज़रूरी होता है।
संबंधित गाइड →Termite
दीमक हल्के रंग की, मुलायम शरीर वाली चींटी-जैसी कीट है, जो मिट्टी की नलियाँ बनाकर उनके अंदर छिपी चलती है। पहला संकेत यही होता है कि पौधा ऊपर से बिना किसी कारण मुरझाकर गिर जाए — हल्के से खींचें तो जड़ या नीचे का तना खोखला मिलेगा। सूखे और तनाव वाले खेतों में हमला ज़्यादा होता है, इसलिए कटाई के बाद मरी जड़ें और फसल कचरा हटाना और नमी बनाए रखना सबसे कारगर बचाव है।
संबंधित गाइड →Terra preta
दो हजार साल पहले अमेजन के किसानों ने जो काली, कोयला-भरपूर मिट्टी बनाई थी, वह आज भी आस-पास की लाल चिकनी मिट्टी से कहीं ज्यादा उपजाऊ है। बायोचार, जैविक कचरा और खनिज — यह नुस्खा फसल अवशेष रखने वाला कोई भी किसान दोहरा सकता है।
संबंधित गाइड →Terrace gardening
छत या टैरेस पर गमलों, ग्रो बैग या उठी क्यारियों में सब्जी-फल उगाना। लगाने से पहले तीन बातें सोच लेनी चाहिए: छत पर वजन, पानी का रिसाव रोकना, और गर्मियों की तपिश।
संबंधित गाइड →Thrips
थ्रिप्स बहुत छोटे (करीब 1 मिमी), पतले और तेज़ चलने वाले कीट हैं; इन्हें देखने का सबसे आसान तरीका है फूल या पत्ती को सफ़ेद कागज़ पर थपथपाना, जिससे ये गिरकर हिलते बिंदुओं की तरह दिखते हैं। इनके खुरचने से पत्तियों पर चाँदी-जैसी या ताँबई लकीरें पड़ती हैं और नई बढ़वार मुड़ जाती है; मिर्च, प्याज, कपास और मूंगफली में ये खतरनाक वायरस फैलाते हैं।
संबंधित गाइड →Tissue culture
प्रयोगशाला में कुछ कोशिकाओं से रोपण सामग्री तैयार करना, जिससे हर पौधा एक जैसा और उन विषाणुओं से मुक्त रहता है जो सकर में जमा होते जाते हैं। केले में टिश्यू कल्चर अब आम है, क्योंकि इससे बाग एक-सा खड़ा होता है और कटाई छोटी और एक साथ होती है।
संबंधित गाइड →Tomato
टमाटर कम अवधि की सब्ज़ी है, जिसे लगभग पूरे साल नर्सरी में पौध तैयार कर रोपा जाता है। भाव तेज़ी से ऊपर-नीचे होते हैं, इसलिए एक साथ पूरी रोपाई से बेहतर है थोड़े-थोड़े अंतराल पर लगाना।
संबंधित गाइड →Topdressing
बुवाई के बाद खड़ी फसल में खाद देना — आम तौर पर नाइट्रोजन, कल्ले फूटने, शाखा बनने या फूल आने के समय के हिसाब से। नाइट्रोजन इस तरह बाँटकर देने पर सारा बुवाई में डालने के मुक़ाबले नुकसान बहुत कम होता है।
संबंधित गाइड →Transition period (organic)
रासायनिक इनपुट बंद करने के बाद का वह दौर, जिसमें खेत जैविक तरीके से चलाया जाता है पर उपज को प्रमाणित जैविक कहकर बेचा नहीं जा सकता। यह अवधि मानक और फसल पर निर्भर करती है, इसलिए मौजूदा शर्त अपनी प्रमाणन संस्था से पुष्ट कर लें।
संबंधित गाइड →Trap crop
ट्रैप फसल वह फसल है जो मुख्य फसल के साथ इसलिए बोई जाती है कि कीट उसे ज़्यादा पसंद करता है। इससे कीट अंडे मुख्य फसल की बजाय उस पर देता है और आपको पूरे खेत के बजाय सिर्फ़ उस थोड़ी जगह पर दवा देनी पड़ती है। टमाटर के साथ गेंदा और मूंगफली के साथ अरंडी इसके आम उदाहरण हैं।
संबंधित गाइड →Tree fodder
सुबबूल, नीम, मुनगा और शहतूत जैसे पेड़ों की पत्तियां और मुलायम टहनियां, काटकर जानवरों को खिलाई जाती हैं। इनमें प्रोटीन अच्छा रहता है और गर्मियों में जब घास सूख जाती है तब भी ये हरी बनी रहती हैं।
संबंधित गाइड →Trench composting
ढेर लगाने की जगह रसोई और बगीचे का कचरा सीधे क्यारी में खोदी खाई में दबा देना। न पलटाई, न बदबू, न अलग डिब्बा — मिट्टी और केंचुए वहीं काम पूरा कर देते हैं जहां जड़ों को मिलेगा।
संबंधित गाइड →Trichogramma Wasp
एक मिलीमीटर से भी छोटी ततैया, जो कीट के अंडे के अंदर अपना अंडा देती है और अंडा फूटने से पहले ही उसे खत्म कर देती है। ततैया नहीं, उसका काम दिखता है — बॉलवर्म या तना छेदक के अंडे काले पड़ जाना। भारत में कपास, गन्ना और मक्का में कागज़ के ट्राइकोकार्ड पर छोड़ी जाती है।
संबंधित गाइड →Tur (arhar / pigeon pea)
तुअर लंबी अवधि की खरीफ दलहन है, जो सूखे को अच्छी तरह झेल लेती है और भारतीय थाली की मुख्य दाल है। यह नाइट्रोजन जमा करती है और अक्सर कपास, सोयाबीन या मूंगफली के साथ मिश्रित बोई जाती है।
संबंधित गाइड →Turmeric
हल्दी आठ-नौ महीने की गांठ वाली मसाला फसल है, जिसे बेचने से पहले उबालना, सुखाना और पॉलिश करना पड़ता है। असली अतिरिक्त कमाई यही प्रोसेसिंग खुद करने में है।
संबंधित गाइड →Urea
भारत में सबसे सस्ती और सबसे चलती नाइट्रोजन खाद, जो सिर्फ़ नाइट्रोजन देती है। असर जल्दी दिखाती है पर पानी के साथ जल्दी बह भी जाती है, इसलिए इसे एक बार में नहीं, फसल की बढ़वार के हिसाब से बाँटकर दिया जाता है।
संबंधित गाइड →Vermicompost
गोबर और फसल अवशेष केंचुओं को खिलाकर बनाई गई खाद, जिसमें केंचुए पीछे बारीक और तत्वों से भरी विष्ठा छोड़ जाते हैं। यह साधारण कंपोस्ट से ज़्यादा ताकतवर है और जल्दी असर करती है; बहुत किसान बचा हुआ बेच भी लेते हैं।
संबंधित गाइड →Waffle garden
जमीन में धंसाई छोटी-छोटी क्यारियां, हर एक के चारों ओर मिट्टी की मेड़, ताकि बारिश या हाथ से डाला पानी ठीक जड़ों के ऊपर रुका रहे और हवा उन्हें सुखा न सके। यह ज़ूनी रेगिस्तानी तरीका भारत के सूखे जिलों में फबता है।
संबंधित गाइड →Walipini
भूमिगत ग्रीनहाउस: कुछ फुट गहरा गड्ढा और ऊपर पारदर्शी ढलवां छत, जिससे जमीन की स्थिर गर्माहट और पकड़ी हुई धूप मिलकर बिना ईंधन सर्दी भर फसल चलाए रखती है। वालिपिनी लद्दाख जैसे ठंडे ऊंचाई वाले इलाकों के लिए है, गर्म मैदानों के लिए नहीं।
संबंधित गाइड →Water table
ज़मीन के नीचे वह सतह जहाँ से मिट्टी पानी से भरी मिलती है — यही गहराई बोरवेल या कुएँ को छूनी पड़ती है। अच्छी बरसात के बाद यह ऊपर आती है, और जितना लौटता है उससे ज़्यादा खींचा जाए तो नीचे उतरती जाती है।
संबंधित गाइड →Waterlogging
खेत में पानी इतनी देर खड़ा रहना कि मिट्टी से हवा निकल जाए और जड़ें दम घुटकर गलने लगें। नीचे से ऊपर की ओर पत्तियाँ पीली पड़ती हैं और पानी उतरने तक फसल की बढ़वार ठप हो जाती है।
संबंधित गाइड →Weed tea
तेजी से बढ़ने वाले खरपतवार को गुड़ के साथ फर्मेंट करके बनाया तरल खाद-टॉनिक, जिसे कोरियन नेचुरल फार्मिंग में फर्मेंटेड प्लांट जूस (FPJ) कहते हैं। यह मेड़ पर मुफ्त उगे पौधों से ही ग्रोथ हार्मोन, एंजाइम और खनिज खींच लेता है।
संबंधित गाइड →Wheat
गेहूं मुख्य रबी फसल है, जिसे खरीफ की फसल खेत से हटने के बाद बोया जाता है। समय पर बुवाई सबसे ज़रूरी है — देर से बोया गेहूं फरवरी की गर्मी में पड़कर दाना सिकोड़ लेता है।
संबंधित गाइड →Wheat Rust
गेहूं का रस्ट (रतुआ) गेहूं का फफूंद रोग है, जिसमें पत्तियों और तने पर छोटे, उभरे नारंगी-पीले फोड़े बनते हैं और उंगली रगड़ने पर जंग-जैसा नारंगी पाउडर लग जाता है — पीले (धारीदार) रतुए में ये नसों के साथ पतली धारियों में रहते हैं, भूरे रतुए में बिखरे हुए। इसके बीजाणु हवा के साथ बहुत दूर तक जाते हैं, इसलिए इलाके की चेतावनी पर ध्यान देना और प्रतिरोधी किस्में बोना सबसे कारगर है।
संबंधित गाइड →Whitefly (Safed Makkhi)
सफ़ेद मक्खी पतंगे जैसी छोटी सफ़ेद कीट है, जो पौधा हिलाने पर बादल की तरह उठती है और सेकंडों में वापस बैठ जाती है; पत्ती पलटने पर नीचे चिपके चपटे, शल्क-जैसे शिशु मिलते हैं। इसका असली नुकसान रस चूसना नहीं, बल्कि कपास, टमाटर, मिर्च और कद्दू-वर्गीय फसलों में पत्ती मोड़क वायरस फैलाना है, जिसका कोई इलाज नहीं।
संबंधित गाइड →Wood ash
लकड़ी जलने के बाद बची राख, जिसमें पोटाश और चूना भरपूर होता है। थोड़ी-थोड़ी नाप-तौल कर डालें तो यह मिट्टी और कम्पोस्ट को मुफ्त में खिलाती है — पर यह तेज क्षारीय है, इसलिए बेधड़क बिखेरना नुकसान भी कर सकता है।
संबंधित गाइड →Worm tower
क्यारी में सीधा गाड़ा छेदों वाला पाइप या बाल्टी, जिसमें रसोई का कचरा डाला जाता है। केंचुए उसी के अंदर काम करते हैं और अपनी खाद निकलकर आस-पास की मिट्टी में, ठीक जड़ों के पास छोड़ आते हैं। एक वर्म टावर करीब 3 से 4 वर्ग मीटर संभाल लेता है।
संबंधित गाइड →Yellow Stem Borer
पीला तना छेदक हल्के पीले रंग की इल्ली है, जो धान के तने के भीतर घुसकर खाती है, इसलिए खुद कभी दिखती नहीं। इसे इसके दो लक्षणों से पहचाना जाता है — डेड हार्ट, जिसमें छोटे पौधे की बीच की गोभ सूखकर आसानी से खिंच आती है, और सफ़ेद बाली, जिसमें बाली सफ़ेद पड़ जाती है और दाना नहीं भरता।
संबंधित गाइड →Yield per acre
प्रति एकड़ उपज का मतलब है एक एकड़ से निकली पैदावार — यही इकाई ज़्यादातर भारतीय किसान असल में सोचते हैं। सरकारी प्रति हेक्टेयर आंकड़े से मिलान करना हो तो याद रखें, 1 हेक्टेयर = 2.47105 एकड़, इसलिए प्रति एकड़ उपज को 2.47105 से गुणा करने पर प्रति हेक्टेयर आंकड़ा मिलता है।
संबंधित गाइड →Yield per hectare
प्रति हेक्टेयर उपज का मतलब है एक हेक्टेयर से निकली पैदावार — सरकारी आंकड़े, शोध परीक्षण और सब्सिडी की सीमाएं इसी इकाई में चलती हैं। चूंकि 1 हेक्टेयर = 2.47105 एकड़, प्रति हेक्टेयर आंकड़े को 2.47105 से भाग देने पर तुलनीय प्रति एकड़ उपज मिलती है।
संबंधित गाइड →Zaid
ज़ायद रबी की कटाई और मानसून के बीच का छोटा गर्मी वाला सीज़न है, करीब मार्च से जून, जिसमें तरबूज़, खीरा, मूंग और चारा लिया जाता है। यह पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर है, इसलिए इसे वहीं लें जहां पानी पक्का हो।
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