N–R
Neem oil
नीम तेल नीम की निंबोली से निकाला जाता है और माहू, सफ़ेद मक्खी, माइट तथा छोटी इल्लियों पर हल्की दवा के तौर पर छिड़का जाता है। यह तुरंत मारता नहीं — कीट का खाना छुड़ाकर और उसकी बढ़वार बिगाड़कर धीरे-धीरे असर करता है, इसलिए एक बार में नतीजे की उम्मीद न रखें और कुछ-कुछ दिन पर दोहराएँ। मित्र कीटों पर इसका असर बहुत कम रहता है।
संबंधित गाइड →NPK
फसल को सबसे ज़्यादा जिन तीन तत्वों की ज़रूरत होती है, उनका छोटा नाम — नाइट्रोजन पत्ती-तने की बढ़वार के लिए, फॉस्फोरस जड़ और दाना भरने के लिए, पोटाश मज़बूती और रोग सहने की ताकत के लिए। खाद की बोरी पर लिखे NPK के अंक बताते हैं कि अंदर तीनों कितने प्रतिशत हैं।
संबंधित गाइड →NPOP
नेशनल प्रोग्राम फ़ॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन — जैविक खेती और उसके थर्ड-पार्टी प्रमाणन के लिए भारत की सरकारी नियम-पुस्तिका, जो वाणिज्य मंत्रालय के अधीन चलती है। इसके मानक और मान्यता-प्राप्त एजेंसियों की सूची समय-समय पर बदलती है, इसलिए योजना बनाने से पहले चालू अधिसूचना देख लें।
संबंधित गाइड →Okra
भिंडी जल्दी तैयार होने वाली सब्ज़ी है, जिसकी तुड़ाई छह-सात हफ्ते में शुरू होकर हर दूसरे दिन करनी पड़ती है। सफ़ेद मक्खी से फैलने वाला पीला शिरा मोज़ेक ही उपज सबसे ज़्यादा गिराता है।
संबंधित गाइड →Onion
प्याज खरीफ, पछेती खरीफ और रबी तीनों में होती है, पर टिकती रबी की प्याज ही है। भाव बहुत तेज़ी से बदलते हैं, इसलिए अच्छी उपज जितनी ही ज़रूरी अच्छी भंडारण व्यवस्था है।
संबंधित गाइड →Organic certification
मान्यता-प्राप्त प्रमाणन संस्था से मिला लिखित प्रमाण कि आपका खेत जैविक मानकों पर चल रहा है — इसी के बल पर आप वैध रूप से जैविक कहकर बेच सकते हैं और ऊँचा भाव पा सकते हैं। शुल्क, कागज़ात और निरीक्षण की शर्तें एजेंसी के हिसाब से अलग होती हैं और बदलती रहती हैं, इसलिए संस्था से सीधे पुष्ट करें।
संबंधित गाइड →Organic matter
मिट्टी में सड़-गल चुका पौधों और गोबर का अंश, जो नमी पकड़कर रखता है, मिट्टी के जीवों को खुराक देता है और मिट्टी भुरभुरी रखता है। जिस खेत में यह कम हो, वह जल्दी सख़्त होता है, पानी ज़्यादा माँगता है और उतनी ही खाद पर कम देता है।
संबंधित गाइड →Paddy (rice)
धान भारत की सबसे बड़ी खरीफ फसल है, जिसे भरे पानी या कीचड़ किए गए खेत में लगाया जाता है। फूल आने के समय पानी की कमी पड़ जाए तो उपज सबसे ज़्यादा यहीं गिरती है।
संबंधित गाइड →Permaculture
जमीन को इस तरह सजाने का तरीका कि उसके सारे हिस्से एक-दूसरे को पालें — पेड़, फसल, पानी और जानवर ऐसे बिठाए जाएं कि बाहर से खरीदी चीजें साल-दर-साल घटती जाएं। परमाकल्चर छोटी जोत वालों को खास फबता है, क्योंकि यह जमीन जो पहले से देती है उसी पर चलता है।
संबंधित गाइड →PGS-India
पार्टिसिपेटरी गारंटी सिस्टम — समूह आधारित जैविक प्रमाणन, जिसमें आसपास के किसान स्थानीय समूह बनाकर एक-दूसरे के खेत की जाँच कर गारंटी देते हैं। यह घरेलू बाज़ार में बेचने वाले छोटे किसानों के लिए है; मौजूदा नियम और पंजीकरण की प्रक्रिया सरकारी कार्यक्रम से पुष्ट कर लें।
संबंधित गाइड →Pheromone trap
फेरोमोन ट्रैप में कीट की अपनी मिलन-गंध का चारा लगाया जाता है, जिससे नर पतंगे खिंचकर फँस जाते हैं। इससे दो फायदे होते हैं — पता चल जाता है कि पतंगों की सक्रियता कब शुरू हुई, और प्रजनन का चक्र टूटता है। बॉलवर्म, फल छेदक और फल मक्खी के लिए यह भारत में बहुत इस्तेमाल होता है।
संबंधित गाइड →PM-KISAN
पीएम-किसान केंद्र की योजना है, जिसमें पात्र भूमिधारक किसानों के बैंक खाते में सीधे किस्तों में आय सहायता आती है। रकम, पात्रता और भुगतान की तारीखें समय-समय पर बदलती हैं, इसलिए आधिकारिक पीएम-किसान पोर्टल या गांव के कार्यालय से पुष्टि कर लें।
संबंधित गाइड →PM-KUSUM
पीएम-कुसुम सौर पंप और मौजूदा सिंचाई पंप को सौर ऊर्जा पर लाने के लिए सब्सिडी देती है, जिससे डीज़ल और बिजली का खर्च घटता है। सब्सिडी का हिस्सा, पंप की क्षमता और आवेदन की अवधि राज्य के हिसाब से अलग और बदलती रहती है, इसलिए अपने राज्य की नोडल एजेंसी से पूछ लें।
संबंधित गाइड →PMFBY (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana)
पीएमएफबीवाई सरकार की फसल बीमा योजना है, जो सूखा, बाढ़, कीट या दूसरे कवर किए गए कारणों से अधिसूचित फसल खराब होने पर मुआवज़ा देती है। प्रीमियम का हिस्सा, अंतिम तारीखें और अधिसूचित फसलें राज्य और मौसम के हिसाब से बदलती हैं, इसलिए आधिकारिक पीएमएफबीवाई पोर्टल पर जांच लें।
संबंधित गाइड →PMKSY (Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana)
पीएमकेएसवाई सिंचाई की छत्र योजना है, जिसके तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर पर सब्सिडी मिलती है और जल स्रोत व वाटरशेड के काम भी होते हैं। सब्सिडी का प्रतिशत, प्रति हेक्टेयर सीमा और श्रेणी के नियम राज्य के हिसाब से अलग होते और बदलते रहते हैं, इसलिए राज्य के बागवानी या कृषि विभाग से जांच लें।
संबंधित गाइड →Pollinator
परागणकर्ता वह कीट या जीव है जो फूलों के बीच पराग पहुँचाकर फल और बीज बनने लायक बनाता है। भारतीय खेतों में मुख्य परागणकर्ता मधुमक्खी, होवरफ्लाई और अकेले रहने वाली मक्खियाँ-मधुमक्खियाँ हैं। कद्दू-वर्गीय फसलों और सरसों जैसी फसलों में उपज तय करने वाला सबसे बड़ा कारण अक्सर यही होता है, न कि खाद या पानी।
संबंधित गाइड →Potato
आलू ठंडे महीनों की रबी कंद फसल है, जो उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पंजाब में सबसे ज़्यादा होती है। भारी और जल्दी खराब होने वाली फसल है, इसलिए कोल्ड स्टोरेज ही तय करता है कि आप कब और किस भाव पर बेचेंगे।
संबंधित गाइड →Powdery Mildew
पाउडरी मिल्ड्यू (चूर्णिल फफूंदी) एक फफूंद रोग है, जिसमें पत्ती की ऊपरी सतह पर सफ़ेद से स्लेटी, पाउडर-जैसी परत जम जाती है और उंगली से रगड़ने पर हट जाती है। यह गर्म दिनों और ठंडी, नम रातों में पनपता है और खीरा-कद्दू परिवार, मटर, अंगूर तथा आम पर आम है; सही पौध-दूरी, कम नाइट्रोजन और सल्फर-आधारित छिड़काव या नीम तेल से इसे रोका जाता है।
संबंधित गाइड →Praying Mantis
प्रेइंग मैंटिस को पहचानने में गलती नहीं होती — तिकोना घूमने वाला सिर और प्रार्थना की मुद्रा में मुड़े कंटीले अगले पैर। यह घात लगाकर लगभग हर उस कीट को खा जाता है जो पकड़ में आ जाए, और खेत में इसका होना कीट-विविधता और सेहत की निशानी है।
संबंधित गाइड →Pre-harvest interval (PHI)
प्रतीक्षा अवधि (PHI) आखिरी छिड़काव और तुड़ाई के बीच का वह कम-से-कम दिनों का अंतर है, जिसमें उपज में दवा का अवशेष सुरक्षित स्तर तक घट जाता है। यह हर दवा और हर फसल के लिए अलग होती है और लेबल पर लिखी रहती है। इसे नज़रअंदाज़ करने पर ही अवशेष जाँच में माल फेल होता है और खेप लौट आती है।
संबंधित गाइड →Price volatility
भाव की अस्थिरता का मतलब है कि किसी फसल का बाज़ार भाव एक ही सीज़न में कितनी तेज़ी से ऊपर-नीचे होता है — प्याज, टमाटर और हरी मिर्च जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों में सबसे ज़्यादा। थोड़े-थोड़े अंतराल पर बुवाई, भंडारण और किश्तों में बिक्री ही इससे बचने के व्यावहारिक तरीके हैं।
संबंधित गाइड →Puddling
पानी भरे धान के खेत को तब तक चलाना जब तक मिट्टी मुलायम कीचड़ न बन जाए और नीचे एक बंद परत न बैठ जाए। पडलिंग से पानी का रिसाव घटता है, उगे खरपतवार मर जाते हैं, और रोपाई के लिए जमीन नरम हो जाती है।
संबंधित गाइड →Rabi
रबी सर्दियों का सीज़न है — अक्टूबर से दिसंबर के बीच बुवाई और मार्च-अप्रैल में कटाई। इसकी फसलों को सिंचाई और ठंडा मौसम चाहिए, और वे मानसून की बची नमी पर टिकती हैं।
संबंधित गाइड →Rainwater harvesting
बरसात का बहता पानी अपनी ज़मीन से जाने देने की बजाय खेत तालाब, गड्ढों, चेक डैम या कंटूर खाइयों में रोककर जमा करना। इससे सूखे दिनों में पानी हाथ रहता है और आसपास के कुएँ-बोरवेल भी रिचार्ज होते हैं।
संबंधित गाइड →Ratoon
कटाई के बाद खेत में बचे ठूंठ से दोबारा उठने वाली फसल, जो सबसे ज्यादा गन्ने में ली जाती है। रटून नई बुवाई का खर्च बचाती है, पर ठूंठ छिलाई, खाली जगह भराई और खाद समय पर न हो तो उत्पादन गिर जाता है।
संबंधित गाइड →Red Spider Mite
लाल मकड़ी माइट कीट नहीं, मकड़ी-वर्ग का जीव है और नंगी आँख से लगभग दिखता नहीं — पहले नुकसान नज़र आता है: पत्ती की ऊपरी सतह पर बारीक धूल-जैसे धब्बे या ताँबई रंगत, और नीचे नसों के साथ रेशम-जैसा महीन जाल। गर्म-सूखे मौसम में इनकी संख्या बहुत तेज़ी से बढ़ती है, और तेज़ कीटनाशी इनके प्राकृतिक शिकारी माइट भी मार देते हैं, जिससे हालत बिगड़ती है।
संबंधित गाइड →Rice Blast
राइस ब्लास्ट (धान झोंका) धान का फफूंद रोग है, जिसमें पत्तियों पर हीरे या तकुए के आकार के धब्बे बनते हैं — बीच में स्लेटी या सफ़ेदी और किनारे भूरे। जब फफूंद बाली की गर्दन तक पहुँचती है तो वहाँ का तना काला पड़कर टूट जाता है और ऊपर की बाली सूख जाती है, दाना भरता ही नहीं। ज़्यादा नमी, घनी रोपाई और अधिक नाइट्रोजन इसे बढ़ाते हैं।
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