भारत में बालकनी सब्ज़ी बाग़: 4-हफ़्ते का शुरुआती प्लान
सही गमले, मिट्टी और जलवायु के 5 पौधों से शुरू कीजिए। टमाटर, पुदीना, मेथी, मिर्च, पालक — हफ़्ते-दर-हफ़्ते।

6×8 फ़ुट की बालकनी 6 महीने तक हर दूसरे दिन एक छोटा कटोरा ताज़ी सब्ज़ी दे सकती है। चार वीकेंड में शुरू कीजिए।
हफ़्ता 1 — गमले, मिट्टी, और 5 पौधे
गमले: 12-इंच टेराकोटा या खाने लायक प्लास्टिक — नीचे छेद ज़रूरी। गर्मी में काला प्लास्टिक नहीं — जड़ें पक जाती हैं। शुरुआत में 6-8 गमले।
मिट्टी मिश्रण: 40% लाल मिट्टी, 30% कम्पोस्ट या वर्मीकम्पोस्ट, 20% कोको-पीट, 10% रेत। रात भर भिगोकर भरिए। 5 शुरुआती पौधे: चेरी टमाटर, पुदीना, मेथी, हरी मिर्च, पालक।
हफ़्ता 2 — बुवाई और पानी की लय
टमाटर और मिर्च — स्थानीय नर्सरी से 4-हफ़्ते के पौधे। पुदीना — रसोई से एक कटिंग। मेथी और पालक — सीधे बीज, 5 mm गहरे।
पानी: सुबह, ऊपर के 2 इंच गीले हो जाएँ बस इतना। बालकनी के सबसे ज़्यादा पौधे ज़्यादा पानी से मरते हैं। ऊँगली डालकर देखिए — ऊपर का इंच सूखा हो तभी पानी।
हफ़्ता 3 — रौशनी, सहारा, कीट
सबको 4-6 घंटे सीधी धूप चाहिए। हर 3-4 दिन में गमले घुमाइए। टमाटर को 18 इंच का होते ही सहारा दीजिए।
हफ़्ते 3 तक कीट: टमाटर पर माहू, मिर्च पर सफ़ेद मक्खी। नीम तेल (5 ml/L) सूर्यास्त पर, हर 7 दिन। बालकनी पर केमिकल नहीं।
हफ़्ता 4 — पहली कटाई, अगला बैच
पुदीना, मेथी, पालक 25-28 दिन में तैयार। ऊपर से तोड़िए — पौधे को नंगा न करें। टमाटर 8-10 हफ़्ते, मिर्च हफ़्ता बाद।
अब मेथी-पालक का दूसरा बैच ताज़े गमलों में बोइए। पहला ख़त्म होने तक दूसरा तैयार। यही लय बालकनी को रसोई बनाती है।




